"फुकरापंथी उजाड़ दे है" युवाओं की जिन्दगी पर आधारित ये कविता जरुर सुनें और अच्छी लगे तो शेयर करें |


Duration = 07:42

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Description

कोई लेना देना नहीं बेकाम नैं सबमे आगि रै आछे खांदे पींदे घरा मैं भी आग लागी रै खामखाँ की चोधर मैं ढूंड उजाड़े हांडे हैं या फुकरापंथी म्हारे गाम के बालका नैं खागी रै अगर आपको ये कविता पसंद आये तो इस विडियो को शेयर करें और गाँव के हर उस बच्चे तक पहुचाएं जो अपने माँ बाप को बेवकूफ बनाता है ! https://www.facebook.com/sarohasanjeet/
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